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APL किसान परिवारों को खाद्य सुरक्षा कवच देने की मांग

MPJ ने महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में सौंपे ज्ञापन, प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त खाद्यान्न की मांग

मुंबई, 2 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र में जारी कृषि संकट के बीच एपीएल श्रेणी के किसान परिवारों को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाने की मांग तेज हो गई है। मूवमेंट फॉर पीस एंड जस्टिस फॉर वेलफेयर (MPJ) ने इस मांग को लेकर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे हैं। मुंबई, ठाणे, नाशिक, जलगांव, नांदेड, परभणी, जालना, बीड, लातूर, अकोला और यवतमाल सहित कई जिलों में संगठन की ओर से यह मांग उठाई गई है।

MPJ ने अपने ज्ञापन में कहा है कि महाराष्ट्र गंभीर और निरंतर कृषि संकट से गुजर रहा है। सूखा, अनियमित एवं अपर्याप्त वर्षा, फसल खराब होने, बढ़ते कर्ज, महंगाई और कृषि आय में कमी के कारण किसान परिवार गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। संगठन ने आशंका जताई है कि मौजूदा संकट का प्रभाव लंबे समय तक, संभावित रूप से दिसंबर 2027 तक, बना रह सकता है, जिससे किसान परिवारों में खाद्य असुरक्षा का खतरा बढ़ सकता है।

MPJ ने सरकार से मांग की है कि पूरे महाराष्ट्र में पात्र एपीएल किसान परिवारों के लिए विशेष खाद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए, चाहे संबंधित जिला पूर्व में सूखा प्रभावित घोषित किया गया हो या नहीं। संगठन का कहना है कि मौजूदा कृषि संकट को केवल किसी विशेष क्षेत्र तक सीमित मानने के बजाय राज्यव्यापी स्तर पर किसान परिवारों की खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

ज्ञापन में प्रमुख मांग के रूप में प्रत्येक पात्र किसान परिवार के प्रत्येक सदस्य को प्रति माह 5 किलोग्राम खाद्यान्न मुफ्त उपलब्ध कराने की मांग की गई है। MPJ ने इसे NFSA के प्राथमिकता परिवारों के लिए निर्धारित 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रति माह खाद्यान्न व्यवस्था के अनुरूप रखने का आग्रह किया है।

संगठन ने सरकार से यह भी मांग की है कि प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा सुविधा मौजूदा राशन कार्ड और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से उचित मूल्य दुकानों पर उपलब्ध कराई जाए। किसानों को लाभ प्राप्त करने के लिए जटिल अतिरिक्त प्रक्रिया या अनावश्यक दस्तावेजों की मांग नहीं किए जाने का आग्रह किया गया है।

MPJ ने पात्रता के लिए सरल, पारदर्शी और राज्यव्यापी मानदंड निर्धारित करने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि पात्रता तय करते समय किसान परिवार की कृषि एवं आर्थिक कठिनाई को ध्यान में रखा जाना चाहिए और केवल इस आधार पर किसी परिवार को लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए कि उसका जिला अलग से सूखा प्रभावित घोषित नहीं किया गया है।

ज्ञापन में प्रस्तावित खाद्य सहायता को कृषि एवं आर्थिक संकट जारी रहने तक जारी रखने तथा समय-समय पर इसकी समीक्षा करने की मांग की गई है। साथ ही पात्र किसान परिवारों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए तालुका और जिला स्तर पर प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करने का भी आग्रह किया गया है।

MPJ ने मुख्यमंत्री से किसान परिवारों की खाद्य एवं आर्थिक असुरक्षा को देखते हुए राज्यव्यापी विशेष खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मंजूरी देने और इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।

संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन का उद्देश्य एपीएल किसान परिवारों को मौजूदा कृषि संकट के दौरान खाद्य सुरक्षा का अतिरिक्त संरक्षण उपलब्ध कराना है। MPJ ने इस मांग को राज्य के विभिन्न जिलों तक पहुंचाकर इसे एक राज्यव्यापी किसान खाद्य–सुरक्षा मुद्दे के रूप में सामने रखा है।


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